सभी १० कार्ड
कार्ड ७/१०

काग़ज़ जो आपकी ताक़त हैं

हर हक़ तभी चलता है जब काग़ज़ आपके हाथ में हों।

सुनिए काग़ज़ जो आपकी ताक़त हैं

०:०० ०:००

कानूनी आधार

  • यह कार्ड क़ानून से ज़्यादा काम की बात है: बाक़ी हर कार्ड का हक़ तभी चलता है जब पहचान और सबूत आपके हाथ में हों — आधार, PAN, शादी का प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, और स्त्रीधन की सूची।
  • क़ब्ज़े के लिए आपके काग़ज़ रोक लेना घरेलू हिंसा क़ानून की धारा ३ की 'आर्थिक हिंसा' का हिस्सा है।
  • डिजिलॉकर (digilocker.gov.in) — सरकारी विभाग से सीधे आए डिजिटल काग़ज़ असली काग़ज़ के बराबर माने जाते हैं (कार्ड की यह पंक्ति वकील पक्की करेंगे)।

एक कदम आज

हर काग़ज़ की फोटो लेकर अपने ईमेल पर भेज दें।

कहाँ जाएँ

  • UIDAI हेल्पलाइन १९४७; सुधार के लिए आधार सेवा केंद्र / CSC।
  • काग़ज़ रोके जा रहे हों: १८१, सखी केंद्र, DLSA १५१६ (आर्थिक हिंसा का रास्ता)।
  • डिजिलॉकर की मदद digilocker.gov.in से; PAN के लिए incometax.gov.in (आधार से तुरंत e-PAN)।
असली ज़िंदगी में
  • 'सब काग़ज़ हम सँभाल के रखते हैं' — सारे असली काग़ज़ हमेशा किसी और के पास रहना देख-भाल नहीं, निर्भरता है।
  • आधार या पासबुक किसी मालिक, ससुराल वाले या सूदखोर के पास 'ज़मानत' के नाम पर जमा करना।
  • आपके आधार और बैंक रिकॉर्ड पर OTP वाला नंबर किसी और का होना।
  • राशन कार्ड में अपना नाम न जुड़वाना, या 'बाद में देख लेंगे' कह कर टालना — परिवार के राशन कार्ड में आपका नाम होना ज़रूरी है; नाम नहीं तो राशन भी नहीं, सरकारी योजनाओं का फ़ायदा भी नहीं, और उस घर में रहने का सबूत भी कमज़ोर पड़ जाता है।
  • यह न पता होना कि शादी का प्रमाण पत्र कहाँ है — या बना भी है या नहीं।
  • आपके नाम पर सिम लेकर दूसरों का इस्तेमाल — उस नंबर पर जो होगा, ज़िम्मेदारी आपकी गिनी जाएगी।
  • 'रिकॉर्ड के लिए' ख़ाली फ़ॉर्म या फ़ोटोकॉपी पर हस्ताक्षर करना।
सँभाल कर रखें
  • हर काग़ज़ की फ़ोटो लें; अपनी ईमेल (बनाना मुफ़्त है) और डिजिलॉकर पर बैकअप रखें।
  • असली काग़ज़ वहाँ रखें जहाँ आप बिना इजाज़त पहुँच सकें।
  • अपने नाम की अपनी सिम लें; आपकी पहचान पर कौन-कौन सी सिम चल रही हैं, TAFCOP पर देखें (sancharsaathi.gov.in) — १२ अगस्त २०२६ को चालू पाया गया।
  • राशन कार्ड में अपना नाम चढ़वाएँ — नज़दीकी राशन दुकान, खाद्य विभाग या राज्य के खाद्य पोर्टल से; नाम जुड़ते ही राशन और पते का सबूत दोनों मिल जाते हैं।
  • आधार सुधार (नाम / पता / मोबाइल): uidai.gov.in या नज़दीकी आधार सेवा केंद्र; हेल्पलाइन १९४७।
  • जन्म प्रमाण पत्र: dc.crsorgi.gov.in या नगर निगम; शादी का पंजीकरण राज्य के e-District पोर्टल से।
  • स्त्रीधन की सूची (कार्ड १) इसी काग़ज़ों के बंडल के साथ रखें।

सेव करने से पहले सोच लें। फ़ोन किसी और के पास तो नहीं?

यह भी जानिए

यह जानकारी है, सलाह नहीं वकील ने जाँचा है जाँचा गया: १३ अगस्त २०२६